इंकलाबी मजदूर केंद्र ने की मजदूरों पर लाठी चार्ज व मुकद्मे दर्ज करने की निंदा
वेतन 30 हजार मासिक करने, गिरफ्तार मजदूरों व यूनियन प्रतिनिधियों को रिहा करने की मांग की
हरिद्वार, 16 अप्रैल। इंकलाबी मजदूर केंद्र ने गुड़गांव, मानेसर, फरीदाबाद व नोएडा में वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे मजदूरों पर लाठीचार्ज एवं झूठे मुकद्मे दर्ज किए जाने का आरोप लगाते हुए सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, सभी मुक्दमे वापस लेने और गिरफ्तार किए गए मजदूर यूनियनों के प्रतिनिधियों को रिहा करने की मांग की है। प्रैस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए इंकलाबी मजदूर केंद्र की हरिद्वार इकाई के सचिव पंकज ने कहा कि मजदूर वेतन बढ़ाने, ओवर टाइम दोगुना करने, श्रम कानूनों का पालन आदि मांगों को लेकर कई दिनों से आंदोलन कर रहे थे। 9 अपैल को कंपनी संचालन से जुड़े लोगों ने बाहरी तत्वों की मदद से तोड़फोड़ और आगजनी कर आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास किया। जिस पर पुलिस ने मजदूरों पर लाठीचार्ज किया और 56 मजदूरों जिनमें 20 महिलाएं शामिल हैं को गिरफ्तार कर लिया। मजदूरों पर मुकद्मे दर्ज करने के साथ कई मजदूर यूनियनों के कई प्रतिनिधियों को भी गिरफ्तार कर लिया। पंकज कुमार ने मांग करते हुए कहा कि गिरफ्तार किए गए सभी मजदूरों और मजदूर प्रतिनिधियों को तत्काल रिहा किया जाए। सभी मुकद्मे वापस लिए जाएं। केंद्र व हरियाणा सरकार पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराए। कपंनी प्रबंधकों और लाठीचार्ज के दोषी पुलिस अधिकारियों पर मुकद्मे दर्ज किए जाएं। लाठी चार्ज में घायल मजदूरों का सरकारी खर्च पर इलाज किया जाए और मुआवजा दिया जाए। मजदूर विरोध 4 लेबर कोड रद्द किए जाएं। ठेका प्रथा समाप्त कर स्थाई कार्य के लिए स्थाई नियुक्ति की जाए। महिला मजदूरों के नाइट शिफ्ट में काम करने का कानून रद्द किया जाए। न्यूनतम वेतन 30 हजार घोषित किया जाए। पत्रकारवार्ता में राजकिशोर, सुरेश राम, नीता आदि ने भी कर्मचारियों के हितों में फैसले लेने की मांग की।
