उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ ने की कर्मचारियों के नियमितीकरण की कट ऑफ डेट 2022 करने की मांग
सरकार मांगे नहीं मानती है तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा-संतोष गौरव
हरिद्वार। उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष संतोष गौरव ने कहा कि विभिन्न नगर निकायों में वर्षो से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के नियमितीकरण की कट ऑफ डेट 2018 के बजाए 2022 की जाए। जिससे अधिक से अधिक सफाई कर्मचारियों को नियमितीकरण का लाभ मिल सके। मायापुर स्थित यूनियन भवन में प्रेस वार्ता के दौरान संतोष गौरव ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कर्मचारियों के हित में कई अच्छे निर्णय लिए हैं। जिनकी वे सराहना करते हैं। सफाई कर्मचारियों के नियमितीकरण का निर्णय स्वागत भी योग्य है। लेकिन नियमितीकरण के लिए कट ऑफ डेट 2018 निर्धारित किए जाने से हजारों कर्मचारी नियमितीकरण के लाभ से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने कहा बताया कि प्रदेश में नाला गैंग के 2200 व मौहल्ला स्वच्छता समिति के 3200 कर्मचारी है। कट ऑफ डेट 2022 करने से उन्हें भी लाभ मिलेगा। संतोष गौरव ने कहा कि मौहल्ला स्वच्छता समिति के कर्मचारियों के मामले में तो स्थिति अजीब है। मौहल्ला स्वच्छता समिति के कर्मचारियों को वेतन व अन्य लाभ नगर पालिका व नगर निगमों द्वारा दिए जाते हैं। लेकिन नगर पालिका और नगर निगम उन्हें अपना कर्मचारी नहीं मानते हैं। इस स्थिति को देखते हुए सफाई कार्य में ठेका प्रथा पूरी तरह समाप्त की जाए। कर्मचारियों का 5 लाख के बजाए 25 लाख रूपए बीमा किया जाए। संतोष गौरव ने कहा कि जल्द ही कुमाऊं मंडल एवं गढ़वाल मंडल के श्रमिक यूनियन पदाधिकारी मुख्यमंत्री से मिलेंगे और समस्याओं के समाधान की मांग करेंगे। यदि सरकार कर्मचारियों के हित में फैसला नहीं लेती है तो आंदोलन का रास्ता अख्तियार किया जाएगा। इस दौरान जितेंद्र तलवार, केला देवी, रीमा, पूनम, किरण पारचा, अनीता, आरती, कमलजीत, जुगनु कांगड़ा, कन्हैया चंचल, मुकेश आदि मौजूद रहे।
